विधायक के इशारे पर आईपीएस अफसर नरेंद्र की हत्या!

मध्य प्रदेश के मुरैना में अवैध खनन माफिया के हाथों मारे गए 32 वर्षीय नौजवान आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार आज मथुरा में उनके पैतृक गांव लालपुर में कर दिया गया. मुखाग्नि उनकी पत्नी ने दी. उनकी पत्नी मधुरानी भी आईएएस अधिकारी हैं. वो गर्भवती होने के कारण मैटरनिटी लीव पर चल रही हैं. मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले नरेंद्र ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी से पढ़ाई की थी. 2009 बैच के आईपीएस नरेंद्र कुमार, मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एसडीओपी के पद पर तैनात थे. उनकी हत्या मुरैना के बानमौर इलाके में हुई है.
गुरुवार को दोपहर तीन बजे नरेंद्र इस इलाके में अवैध खनन की सूचना मिलने पर निरिक्षण करने पहुंचे थे. उन्होंने एक ट्रैक्टर को अवैध पत्थर ले जाते हुए देखा. नरेंद्र ट्रैक्टर का पीछा करते हुए उसके आगे जाकर खड़े हो गए. अपनी गाड़ी से उतर नरेंद्र ने ट्रैक्टर को रुकने का इशारा किया. लेकिन अवैध पत्थर ले जाने वाला ट्रक ड्राइवर इतना बेखौफ था कि उसने नरेंद्र पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. नरेंद्र ट्रैक्टर के पहियों के नीचे आ गए.

प्रदेश के गृह मंत्री उमा शंकर गुप्ता ने कहा कि मुरैना के बानमौर के एसडीओपी नरेन्द्र कुमार को सूचना मिली थी कि अवैध खुदाई हो रही है. सूचना पर गये तो ट्रॉली मिली, ट्रैक्टर के ड्राइवर ने कुचल दिया जिससे मौत हो गई. आईपीएस नरेंद्र ट्रैक्टर के पहियों के नीचे आने से इतनी बुरी तरह घायल हो चुके थे कि उनकी मौत ग्वालियर ले जाते वक्त रास्ते में ही हो गई. पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर मनोज केशव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर धारा 302 का केस दर्ज किया गया है.

उधर, नौजवान आईपीएस ऑफिसर नरेंद्र कुमार के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे की हत्या एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है.  बेटे ने मुझे बार-बार बताया था कि कैसे वह मुरैना में खनन माफिया के खिलाफ मुहिम चलाए हुए है. उन्होंने कहा कि उसकी हत्या नहीं हुई, बल्कि एक साजिश के तहत उसको मार दिया गया. उन्होंने यह भी शक जताया कि उनकी आईएएस बहू का तबादला भी इसी साजिश के तहत किया गया. नरेंद्र के पिता केशव ने इसके पीछे एक भाजपा विधायक पर शक जताया है. उन्‍होंने कहा कि कुछ समय पहले उस विधायक के दबाव में ही उनकी बहू का तबादला किया गया था.
गृहमंत्री ने बताया कि मामले में मनोज केशव सिंह नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. खनन का अवैध कारोबार सिर्फ चम्बल में ही नहीं, हिन्दुस्तान के हर हिस्से में हो रहा है. उसे हर जगह बिना किसी पार्टी भेदभाव के राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त है. हर जगह विपक्ष सिर्फ गाल बजाकर विरोध की औपचारिकता मात्र करता है. और यह बात हर किस्म के अवैध कारोबार पर लागू है. शराब, परिवहन, तेल, खनन.... ये सब अरबों-खरबों के टर्नओवर वाले कारोबार हैं. इन्हें भारत में रोक पाना अब भगवान के वश की भी बात नहीं.

उत्तर प्रदेश में तेल माफिया द्वारा की गयी मंजूनाथ की हत्या सबको याद है. उनकी हत्या की वजह उनकी ईमानदारी ही बनी. जो ईमानदारी की बात करता है उसके साथ क्या सलूक होता है ये पिछले दिनों में हम सब देख चुके हैं. राजनेताओं द्वारा अन्ना आन्दोलन की भी इसी तरह ह्त्या की गयी. उस आन्दोलन की चरित्र हत्या करने की कोशिश अभी भी जारी है. इस वाकये से सफेदपोश माफिया ने एक संकेत साफ़ दे दिया है क़ि या तो आप इस "सिस्टम" का हिस्सा बन जाएँ या मूक दर्शक बन जाएँ. लूट को रोकने की कोई भी कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है.

चंबल रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डी.पी.गुप्ता ने बताया कि साल 2009 बैच के आईपीएस नरेंद्र कुमार सिंह मुरैना जिले के बामौर में प्रशिक्षु पुलिस अनुमंडल अधिकारी (एसडीपीओ) के तौर पर तैनात थे. होली के मौके पर आज वह अपने ड्राइवर और गनर के साथ बामौर के दौरे पर थे तभी उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली देखकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर टैक्टर ट्रॉली लेकर भागने लगा. जब ट्रैक्टर ड्राइवर भाग रहा था तभी सिंह ने उसका पीछा किया. उन्होंने सड़क के बीच खड़े होकर ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस बार ड्राइवर ने उन पर ट्रैक्टर ट्रॉली चढ़ा दी. जांबाज आईपीएस अफसर की हत्या के खिलाफ पूरे देश में लोग व्यथित हैं. फेसबुक और ट्विटर जैसे माध्यमों के जरिए लोगों ने आईपीएस के परिजनों को इसाफ दिलाने का अभियान छेड़ दिया है.
साभार :भड़ास4मीडिया

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